डिजाइनर माला लखानी की हत्या की साजिश एक हफ्ते से रच रहा था आरोपी

राजधानी दिल्ली के वसंतकुंज में बुधवार देर रात हुई फैशन डिजाइनर माला लखानी और उनके नौकर बहादुर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार दर्जी राहुल अनवर एक हफ्ते से वारदात की साजिश रच रहा था। इस बात का खुलासा उसने पुलिस पूछताछ में किया है।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 24 साल का राहुल रंगपुरी पहाड़ी स्थित शंकर कैंप में रहता है, लेकिन माला ने उसे अपने घर के परिसर में रहने की जगह दे दी थी, ताकि उसे काम करने में आसानी हो। राहुल साढ़े तीन साल से माला की वर्कशॉप में काम कर रहा था। पुलिस पूछताछ में राहुल ने बताया कि माला उसे प्रति पीस के हिसाब से रुपये देती थीं, लेकिन भुगतान का ब्योरा भी वही रखती थीं। माला कभी भी समय पर रुपये नहीं देती थीं। जब भुगतान करती भी थीं तो वह भी आधा-अधूरा। आरोपी का कहना है कि इस बात को लेकर कई बार माला से उसका विवाद हो चुका था।
लूट के माल में हिस्सा देने का लालच दिया : पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसी विवाद से तंग आकर राहुल ने अपने ममेरे भाई रहमत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। राहुल की योजना थी कि लूट की रकम से वे आराम से जिंदगी बसर करेंगे। रहमत ने योजना में सिलाई के काम से जुड़े 26 साल के वसीम को लालच देकर शामिल कर लिया। इन्होंने वारदात के लिए सोमवार को ही मांस काटने वाले दो चाकू खरीद लिए थे। मंगलवार को मौका देखकर राहुल ने चाकू चुपके से वर्कशॉप में छिपा दिए। बुधवार को मौका मिलते ही हत्यारोपियों ने दोनों की हत्या कर लूटपाट की।
दो घंटे तक घर खंगालते रहे : जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार रात 10:45 बजे तीनों ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हाथ-पैर पर लगे खून के धब्बे कमरे में धोए और फिर राहुल ने अपने कपड़े बदले और बाकी दोनों आरोपियों को भी अपने कपड़े दे दिए। इसके बाद तीनों ने खून से सने अपने कपड़े एक पॉलीथिन में रख दिए और करीब दो घंटे तक घर में कीमती सामान तलाशते रहे। नकदी, आभूषण के साथ ही इन्होंने माला के कमरे से शराब की बोतल लीं और कार में सवार होकर घर से निकल गए।
दो घंटे तक पहाड़ी पर बैठकर शराब पी : राहुल, वसीम और रहमत घटना के बाद रंगपुरी पहाड़ी पर झील के किनारे गए, जहां इन्होंने हत्या में प्रयुक्त हथियार एवं खून से सने कपड़े फेंक दिए। इसके बाद वहीं पर बैठकर तीनों ने शराब पी। करीब दो घंटे तक ये पहाड़ी पर रहे। तभी इन्हें पकड़े जाने का डर सताने लगा और ये तड़के पौने तीन बजे आत्मसमर्पण करने खुद ही थाने पहुंच गए। इसके बाद बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर खून से सने कपड़े और चाकू बरामद कर लिए। खबर लिखे जाने तक पुलिस लूटे गए सामान की बरामदगी कर रही थी।
फोन पर मौत की सूचना मिली
माला लखानी की मौत की सूचना उनकी बहन आरती को फोन पर मिली तो सहसा उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने फोन काट दिया और फिर दोबारा फोन कर पुलिस ने उन्हें उन्हें थाने बुलाया। सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने मृतका के मोबाइल नंबर से रिश्तेदारों को घटना की सूचना दी। चूंकि आरती सबसे ज्यादा करीब थीं, इसलिए गुरुवार को वह सुबह थाने पहुंचीं। वह अपनी बहन के शव को देखकर बेहोश हो गईं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरती की बुधवार रात को माला से फोन पर बात हुई थी। दोनों सप्ताहांत मिलने की योजना बना रही थीं। योजना के अनुसार शनिवार या रविवार को माला के घर पर भोजन करना था। इसके लिए माला गुरुवार को फोन कर कार्यक्रम की जानकारी देने वाली थीं।
पोस्टमार्टम आज होगा
वसंतकुंज में फैशन डिजाइनर की हत्या के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। उसके भाई गोप लखानी गोवा में रहते हैं। गोप लखानी के गोवा से आने में देरी हो गई। इसकी वजह से गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। अब शुक्रवार को सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जाएगा।
ताला बंदकर भागे थे आरोपी
आरोपियों ने भागते समय गेट पर ताला लगा दिया था। उनकी योजना थी कि बंद गेट को देखकर लोग सोचेंगे कि घर पर कोई नहीं है और जब तक मामला खुलेगा तब तक वे कहीं दूर निकल जाएंगे।
छेड़छाड़ के मामले में जेल गया था
राहुल पर बीते साल वसंतकुंज नॉर्थ थाने में छेड़छाड़ एवं पोक्सो की एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले में वह करीब 30 दिन जेल में रहा था। बताया जाता है कि तब माला ने ही राहुल को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए रुपये दिए थे। यही नहीं, माला ने इस साल राहुल को करीब एक लाख रुपये की बाइक भी बतौर गिफ्ट दी थी। इसके बाद भी राहुल ने यह जघन्य वारदात की।
अदालत ने तीन दिन की पुलिस रिमांड में सौंपा
वसंतकुंथ साउथ पुलिस ने गुरुवार को राहुल सहित तीनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें तीन दिनों की पुलिस रिमांडपर सौंप दिया है। अब पुलिस अलग अलग इनसे पूछताछ करेगी। जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पुलिस को हत्या की वजह पर यकीन नहीं हो रहा है। कोई भी इतनी निर्ममता पूर्वक हत्या सिर्फ वेतन के विवाद में नहीं कर सकता। इसी संदेह को दूर करने के लिए पुलिस ने अदालत से आरोपियों की हिरासत मांगी थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक लूट के माल की भी बरामदगी नहीं हो पाई है। इसलिए भी रिमांडमांगी गई है। दरअसल, अभी तक की पूछताछ में तीनों आरोपियों की भूमिका स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आई है। वे सभी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे है, इस वजह से पुलिस की अलग-अलग टीम तीनों से पूछताछ कर रही हैं।

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