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कर्नाटक-केरल में हालात गंभीर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हल्की तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश

मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश होने की संभावना व्यक्त की है. जानकारी के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों तेज बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है. उधर, बारिश और बाढ़ के कारण केरल और कर्नाटक में अभी भी हालात गंभीर बने हुए हैं.
राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में रविवार सुबह हल्की बारिश हुई. अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री ज्यादा 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री ज्यादा 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि हल्की बारिश की संभावना के साथ आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे या दिन में बाद में बौछारें पड़ सकती हैं. सुबह में 5.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई.
आईएमडी ने अगले 24 घंटे के भीतर दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज बारिश की भविष्यवाणी की है. उत्तर प्रदेश के मौसम विभाग ने फिरोजाबाद, कन्नौज, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, हरदोई, बहराइच, संत रविदास नगर, जौनपुर, आजमगढ़ तथा मऊ समेत कई जिलों में तेज बारिश होने की बात कही है. मौसम विभाग ने कहा कि अगल 2-3 दिनों तक इन इलाकों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी.
मध्य प्रदेश में गर्मी से राहत
उधर, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कई अन्य हिस्सों में रविवार सुबह से बादल छाए रहे. बीच-बीच में बौछारें पड़ने से मौसम राहत भरा है. राज्य में रविवार सुबह का मौसम सुहावना है, सुबह से बादल छाए हुए हैं, वहीं बौछारें भी पड़ी, जिससे उमस और गर्मी से राहत है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि राज्य में बादलों के छाने और बौछारें पड़ने का दौर आगामी दिनों में भी बना रहेगा.
राज्य के तापमान में बदलाव का दौर जारी है. रविवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री, इंदौर का 22.8 डिग्री, ग्वालियर का 24.5 डिग्री और जबलपुर का 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
कर्नाटक में मौसम का कहर
कर्नाटक और केरल में मौसम का कहर जारी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को बाढ़ पीड़ित कोडागु जिले का दौरा किया, जहां भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं. बाढ़ और भूस्खलन के कारण करीब 1500 लोगो विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं. कुमारस्वामी ने कहा कि कम से कम 1500 लोग राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे है, लेकिन बचाव दल उन तक खराब मौसम और भूस्खलन के कारण पहुंच नहीं पा रहा है. उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं और राज्य अधिकारियों के साथ सेना के जवान, नौसैनिक युद्ध स्तर पर बचाव व राहत अभियान चला रहे हैं. अधिकारी लोगों को एयर लिफ्ट कर निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मौसम साथ नहीं दे रहा है.
गुरुवार से जिले में भूस्खलन और भारी बारिश से छह लोगों की मौत हो चुकी है. कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) के मुताबिक, जिले में अधिकतम 25.3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है. पिछले 24 घंटों के दौरान 11.9 सेंटीमीटर की औसत बारिश हुई है.
राज्य सरकार ने इस आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों में राहत अभियान चलाने के लिए 200 करोड़ रुपये के फंड की घोषणा की थी.
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा शुक्रवार रात को जारी बयान में कहा गया कि डोगरा रेजिमेंट के करीब 60 जवान और नौसेना के 12 विशेषज्ञ गोताखोरों ने बाढ़ग्रस्त जिले में 873 असहाय लोगों को बचाया है. राष्ट्रीय व राज्य आपदा राहत बलों के लगभग 60 सदस्य और नागरिक रक्षा के 45 सदस्य पहाड़ी जिले के मदिकेरी में नौकाओं व उपकरणों के साथ बचाव और राहत कार्यो में शामिल हुए हैं.
केरल का हाल बेहाल
केरल में भारी बारिश और बाढ़ से मची तबाही के चलते रविवार को दो और लोगों की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 370 हो गई है. बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित अलाप्पुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर में बचाव कार्य जारी है. सर्वाधिक प्रभावित स्थानों जहां लोग पिछले तीन दिनों से भोजन या पानी के बिना फंसे हुए हैं, उनमें चेंगन्नूर, पांडलम, तिरुवल्ला और पथानामथिट्टा जिले के कई इलाके, एर्नाकुलम में अलुवा, अंगमाली और पारावुर में शामिल हैं. केरल में बारिश और बाढ़ से अबतक 370 लोग मारे जा चुके हैं.

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