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शेल्टर होम से भागी सातवीं लड़की ने पिता से फोन पर की बात

पटना.  मोकामा के नाजरेथ अस्पताल में संचालित शेल्टर होम से फरार सातवीं लड़की ने फोन पर पिता से बात की थी। इससे पुलिस को लड़की का सुराग लग गया। मोकामा शेल्टर होम से 7 लड़कियों के फरार होने के बाद गठित की गई एसआईटी ने लड़की के परिवार वालों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। एसआईटी का नेतृत्व बाढ़ की सहायक पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह कर रही थी। महिला आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह के नेतृत्व में गठित टीम के हाथ एक सुराग लगा और उसके बाद लड़की को पुलिस ने बरामद कर लिया। मोकामा से भागने के बाद सातों लड़कियां दरभंगा गई थी। रास्ते में ही सातवीं लड़की का एक दूसरी लड़की से झगड़ा हो गया और उसने दरभंगा जाने से इनकार कर दिया। सभी 6 लड़कियां दरभंगा स्टेशन पर उतर गई थी, लेकिन सातवीं लड़की ने दरभंगा स्टेशन पर उतरने से इनकार कर दिया और वह ट्रेन में बैठे-बैठे जयनगर पहुंच गई। दानापुर दरभंगा जयनगर इंटरसिटी का अंतिम पड़ाव जयनगर है। सातवीं लड़की वहीं पहुंच गई। जयनगर पहुंचने के बाद आस-पास की झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों से उसने रहने की जगह मांगी। तीन लड़कों ने उसे रहने की जगह दे दी और लड़की वहीं पर रहने लगी। इसी दौरान उसने एक लड़के के मोबाइल फोन से अपने पिता को फोन कर दिया। लड़की के पिता का फोन पहले से ही सर्विलांस पर था। पिता को किए गए नंबर का पता चलते ही पुलिस ने उसका लोकेशन निकाला तो जयनगर का मिला। जयनगर में स्टैटिक लोकेशन आने के बाद पुलिस ने छापामारी की और लड़की को बरामद कर लिया।पहले मोबाइल फोन वाले लड़के को उठाया गया और तब लड़की की बरामदगी हुई और उसके बाद उन दो लड़कों को भी एक-एक कर हिरासत में लिया गया, जिन्होंने उस लड़की को पनाह दी थी। जयनगर स्टेशन पर उतरने के बाद पहले एक लड़के से उसकी मुलाकात हुई जिसका बाल लाल रंग का था। उसके बाद दूसरे लड़कों से उसकी मुलाकात हुई।

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