गीता जयंती का क्या है महत्व ? इस तरह करेंगे पूजा तो मिलेगा अभीष्ट लाभ

गीता जयंती, यह दिन श्रीमद् भगवद्गीता की प्रतीकात्मक जयंती के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन भगवद्गीता के दर्शन मात्र का बड़ा लाभ होता है। यदि इस दिन गीता के श्लोकों का वाचन किया जाए तो मनुष्य के पूर्व जन्म के दोषों का नाश होता है। सनातन धर्म में इसका अत्यधिक महत्व है। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में उस वक्त गीता का ज्ञान दिया था जब वह अपने कर्म पथ से भटकने लगे थे। हिंदू पंचांग के अनुसार इसे मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी पर मनाया जाता है। इसे गीता का प्रतीकात्मक जन्म दिन माना जाता है। यहां हम आपको गीता जयंती से जुड़े कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें करने से मनुष्य कभी भी कर्म पथ से नहीं भटकता साथ ही उसके पास धन, ऐश्वर्य, समृद्धि, बुद्धि, साहित्य एवं संस्कारों का बसेरा रहता है। वह सदा ही अभिमान, अहंकार, लालच, काम, क्रोध, द्वेष से दूर रहता है।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *