एशिया की सबसे बड़ी टिम्बर मार्केट का चुनाव, सुभाष गुप्ता पैनल का दावा सदस्यों का भरोसा टूटने नहीं दूंगा

नई दिल्ली। एशिया की सबसे बड़ी टिम्बर मार्केट समस्याओं के मकरजाल में उलझा, अपनी बेबसी पर तड़प रहा है, प्रत्येक बार चुनाव के वक्त सदस्यों से वादा कर चुनाव जीतने वाले पदाधिकारी चुनाव में विजयी होने के बाद अपने वादे ही नहीं भूल जाते बल्कि चुनाव कराने से भी भागने लगते हैं। एशिया की सबसे बड़ी मार्केट कीर्तिनगर को वेयर हाउसिंहग स्कीम के तहत जिस उद्देश्य से सरकार द्वारा बसाया गया आज वह अपना वजूद ही खो चुका है। चार वर्ष से अधिक गुजरने के बाद 27 नवम्बर को चुनाव की तिथि निर्धारित की गई है लेकिन अभी भी मार्केट के उत्थान व विकास से अधिक दो पैनल बनाकर पदों के लिए जोड़-तोड़ का खेल प्रारम्भ हो चुका है, जबकि मार्केट के विकास व उत्थान के लिए सर्वसम्मति से एसोसिएशन का गठन ही व्यापारियों व मार्केट के हीत में एकमात्र रास्ता है। डीआईडी ने सबसे बड़ी टिम्बर मार्केट का सर्वे प्रारम्भ किया और जो तस्वीर कैमरे ने कैद किया, वह काफी शर्मनाक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वच्छता अभियान का दुर्दशा यहां सापफ देखा जा सकता है, इस मार्केट में एनजीटी के निर्देश की अवहेलना से लेकर डीएमसी एक्ट तक का खुलेआम धज्जियां उड़ते डीआईडी की टीम ने कैमरे में कैद किया है। मार्केट की इस दुर्दशा के लिए जितना मार्केट एसोसिएशन के पद पर चार वर्षों से विराजमान पदाधिकारी दोषी हैं उससे कम स्थानीय निगम पार्षद व विधयक को व्यापारी मानने को तैयार नहीं है। सुभाष गुप्ता पैनल ने डीआईडी चीफ से बात करते हुए कहा कि जब तक एक पैनल के सभी उम्मीदवारों को सदस्यगण विजयी नहीं बनायेगें मार्केट का विकास नहीं हो सकता। सुभाष गुप्ता ने कहाकि वे यह अपील करते हैं कि सदस्य जिस पैनल को वोद दे, एक ही पैनल के सभी सदस्यों को मत प्रदान करें। सुभाष गुप्ता एवं उनकी टीम ने डीआईडी के सामने कुछ सवाल रखें जिसका जवाब सदस्यों से खोजने का कार्य करेगा। कीर्तिनगर टिम्बर मार्केट एसोसिएशन के चेयरमैन रहे प्रसिद्ध व्यापारी प्रदीप करनानी ने डीआईडी से बात करते हुए कहाकि वे चाहते हैं कि सर्वसम्मति से एसोसिएशन का गठन हो और इसके लिए प्रयास जारी है। दूसरे पैनल का भी कहना है कि महासचिव पद के प्रत्याशी उपप्रधन बनने को तैयार हो जाए तो चुनाव में सर्वसम्मति बनाया जा सकता है और प्रयास जारी है कि सर्वसम्मति बनाकर मार्केट के विकास को गति प्रदान किया जाए।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *