डोगो अर्जेंटीनो ने महिला को काटकर किया था घायल, अब गुरुग्राम में कुत्तों की 11 नस्लों पर लगा बैन

आवार कुत्तों के राह चलते राहगीरों को काटे जाने की बात तो अक्सर सामने आती रहती है। लेकिन बीते कुछ दिनों से दिल्ली एनसीआर के पॉस सोसायटी में पालतू कुत्तों के कभी किसी बच्चे को काटने तो किसी महिला को घायल कर जाने की खबरें लगातार आ रही है। बीते दिनों ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट की लारेजिडेसिया सोसायटी की लिफ्ट में फिर एक बच्चे को पालतू कुत्ते ने घायल कर दिया। वहीं अब पालतू कुत्तों की नस्लों को लेकर दिल्ली से सटे गुरुग्राम से एक बड़ी खबर सामने आई है। कुत्तों के कई हमलों के बाद गुरुग्राम के निवासियों में हड़कंप मच गया था और अब जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने नगर निगम गुरुग्राम (MCG) को 11 विदेशी कुत्तों की नस्लों के पालने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसके साथ ही निगम से ऐसे किसी भी कुत्ते के संबंध में दिए गए पंजीकरण रद्द करने, उन्हें अपनी कस्टडी में भी लेने के लिए कहा है। गुरुग्राम उपभोक्ता फोरम ने 11 अगस्त को सिविल लाइंस में एक पालतू कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद गंभीर रूप से घायल हुई एक महिला के लिए अस्थायी राहत के रूप में 2 लाख रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया। पहले तो दर्ज एफआईआर में कुत्ते की नस्ल पिटबुल बताई गई। बाद में कुत्ते के मालिक ने नस्ल की पहचान डोगो अर्जेंटीनो के रूप में की गई थी। फोरम ने एमसीजी को तीन महीने के भीतर पालतू कुत्तों के लिए नीति तैयार करने का निर्देश दिया।

प्रतिबंधित नस्लें

जिन 11 कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे अमेरिकन बुलडॉग, अमेरिकन पिट बुल टेरियर्स, डोगो अर्जेंटीनो, रॉटवीलर, बोअरबेल, प्रेसा कैनारियो, नेपोलिटियन मास्टिफ, वोल्फडॉग, केन कोरो, बैंडोग और फिला ब्रासीलेरो हैं। इन सभी को “खतरनाक विदेशी नस्लों” के रूप में वर्गीकृत किया गया है।फोरम ने कहा कि एमसीजी को उपरोक्त पालतू कुत्तों को रखने के लिए कुत्ते के मालिकों के पक्ष में जारी किए गए सभी लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने और उक्त कुत्तों को तुरंत अपनी कस्टडी में लेने का निर्देश दिया जाता है। प्रत्येक पंजीकृत कुत्ते को एक कॉलर पहनाना होगा, जिसमें धातु की चेन के साथ एक धातु का टोकन जुड़ा होगा। एमसीजी को निर्देशित किया जाता है कि एक परिवार केवल एक कुत्ता रखे और जब भी पंजीकृत कुत्ते को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाया जाए, तो उसके मुंह को नेट कैप या अन्यथा से ठीक से ढका जाए।

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