तोक्यो में पदक के बाद भारतीय हॉकी टीम का लक्ष्य राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने पर

भारतीय पुरूष हॉकी टीम के डिफेंडर सुरेंदर कुमार ने बुधवार को कहा कि टीम की नजरें राष्ट्रमंडल खेलों में आस्ट्रेलिया का दबदबा खत्म करके स्वर्ण पदक जीतने पर लगी है। आस्ट्रेलिया ने राष्ट्रमंडल खेलों की पुरूष हॉकी स्पर्धा में लगातार छह स्वर्ण पदक जीते हैं। तोक्यो ओलंपिक में पिछले साल 41 साल का इंतजार खत्म करके कांस्य पदक जीतने के बाद से भारतीय टीम के हौसले बुलंद है। भारत ने 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल और 2014 ग्लास्गो खेलों में रजत पदक जीता था। सुरेंदर ने हॉकी इंडिया द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा ,‘‘ हमारा लक्ष्य राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। बाकी सब प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।’’पिछले साल तोक्यो में कांसे का तमगा जीतने के बाद भारतीय टीम हालांकि उस लय को कायम नहीं रख सकी।एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी और एशिया कप में टीम तीसरे स्थान पर रही। एफआईएच प्रो लीग में भी तीसरा स्थान ही मिला। सुरेंदर ने कहा ,‘‘ तोक्यो ओलंपिक के बाद से हमने काफी अच्छे मुकाबले खेले हैं। मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने के अनुभव का हमें फायदा मिलेगा।’’ भारत पूल बी में इंग्लैंड, कनाडा, वेल्स और घाना के साथ है। पहले मैच में भारत को 31 जुलाई को घाना से खेलना है। सुरेंदर ने कहा ,‘‘ हम इस मैच को हलके में नहीं ले रहे हैं। हर टीम जीत के इरादे से ही उतरेगी। हमारा पहला फोकस घाना के खिलाफ मैच पर है। हमने खिलाड़ियों से दबाव लिये बिना खेलने को कहा है।

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