45 साल बाद घर में बेटी का हुआ जन्म, अस्पताल से डोली में घर पहुंची नन्ही परी

परिवार में जब बेटे या बेटी की शादी होती है तो उन्हें पोता या नाती होने का आशीवार्द मिलता है। अगरा बेटा पैदा हुआ तो घर में किसी त्यौहार से कम जश्न नहीं मनाया जाता है वहीं अगर बेटी पैदा हो जाए तो बहू को प्रताड़ित करके उसे मौत के घाट उतार दिया जाता है। लेकिन आज आपको इसका कुछ उल्टा देखने को मिलेगा। जी हां, हिंदी न्यूज वेबसाइट न्‍यूज18 के हवाले से  एक खबर सामने आई है जिसे सुनकर आप भी काफी हैरान हो जाएंगे। यह खबर छपरा की है जहां एक परिवार में 45 साल बाद बेटी का जन्म हुआ है। बेटी को घर लाने के लिए डोली सजाई गई है और बैंड-बाजों के साथ उसे घर लाया जा रहा है। धपरा के एक परिवार में 45 साल के लंबे समय के बाद बेटी का जन्म हुआ है और इस खुशी में पूरा परिवार जश्न मना रहा है। नन्ही परी को अस्पताल से घर लाने के लिए डोली सजाई गई है। महिलाएं स्वागत में गीत गा रही है। यह जश्न एक त्यौहार की तरह मनाया जा रहा है। एकमा नगर पंचायत क्षेत्र के शिवजी प्रसाद के पुत्र धीरज गुप्ता की पत्नी ने एकमा के एक निजी हॉस्पिटल में बेटी को जन्म दिया। बेटी के पैदा होने पर परिवार वालें खुशी से झुम उठे। परिजन ने बेटी को पालकी में बिठाया और गाने के साथ घर लाए। बेटी पैदा होने से खुश पिता ने अस्पताल से अपनी बेटी को घर लाने के लिए एंबुलेंस के बजाय डोली सजाई। परिवार वालों ने खुशी में अस्पताल में नोटों की बारिश कर दी। सभी कर्मचारियों का मुंह मीठा कराया। गांव के लोगों को भी मिठाइयां बांटीं। धीरज गुप्ता के बड़े भाई बबलू गुप्ता ने बताया कि हम 4 भाइयों में किसी को बेटी नहीं थी।परिवार में बेटी के जन्म को लेकर सब तरस रहे थे।

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