अतीक के करीबी के घर चला बुलडोजर

प्रउत्तरप्रदेश स्पेशल न्यूज़ (DID News): प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड में पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबियों पर एक्शन चल रहा है। प्रयागराज में अतीक के करीबियों पर बुलडोजर चल रहा है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण अवैध संपत्ति पर कार्रवाई कर रहा है।

प्रयागराज के धूमनगंज थाना इलाके के कालिंदीपुरम कसारी मसारी में यह कार्रवाई चल रही। मौके पर भारी फोर्स मौजूद है। पीडीए के अफसर मौके पर हैं। चकिया कसारी मसारी स्थित शाइस्ता परवीन के आवास पर पीडीए का बुलडोजर कार्रवाई कर रहा है।

इस दौरान कई थानों की फोर्स आरएएफ के जवान और पीडीए के कर्मचारी मौजूद हैं। कार्रवाई के दौरान रास्ते को दोनों तरफ से सील कर दिया गया है। इस दौरान किसी को आने जाने नहीं दिया जा रहा है। घर से पीडीए के कर्मचारियों ने समान बाहर निकाल दिया है। आपको बता दें कि उमेश पाल की हत्या में नामजद गुड्डू मियां, 22 साल पहले एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में खोराबार थाने से जेल जा चुका है। उसकी गिरफ्तारी बिहार के बेउर जेल के सामने से हुई थी। वहां एक बड़े नेता के हत्या की सुपारी लेने गया था। जेल के बाहर से तत्कालीन एसओजी प्रभारी ओपी तिवारी ने गुड्डू और सुल्तानपुर के उसके एक साथी को गिरफ्तार किया था।

उस समय पूछताछ में सामने आया था कि बेउर जेल में बंद गोरखपुर के बदमाश ने गुड्डू को पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसी बड़े नेता की हत्या की सुपारी दी थी। इसी सिलसिले में उससे मिलने बेउर जेल आया था। बाद एसओजी टीम को यह भी पता चला कि गुड्डू कुख्यात श्रीप्रकाश शुक्ला का खास गुर्गा रह चुका है।

पश्चिम में श्रीप्रकाश के साथ गुड्डू ने कई आपराधिक मामलों को अंजाम दिया था। तत्कालीन पूछताछ टीम में शामिल सूत्र के मुताबिक, गुड्डू मियां ने बताया था कि उसके गिरोह के सभी बदमाश अब मारे जा चुके हैं। वह अकेला बचा है।

आपको बता दें कि चर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम स्वचालित हथियार से गोली मार कर हत्या कर दी गई। उनकी सुरक्षा में लगे दो गनर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक की मौत हो गई। जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना शुक्रवार की शाम 5:15 बजे उस वक्त हुई जब उमेश जिला कचहरी से कार से धूमनगंज स्थित अपने घर पहुंचे थे। घटना के बाद हमलावर बाइक से भाग निकले थे। सुरक्षा में तैनात गनर संदीप निषाद की भी उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे गनर राघवेंद्र सिंह की हालत नाजुक बनी हुई है।

शहर पश्चिम के विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को धूमनगंज इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके रिश्तेदार और दोस्त उमेश पाल मुख्य गवाह थे। उमेश ने लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में राजू पाल हत्याकांड की पैरवी की थी। इसी कारण अतीक गिरोह से उनकी खुलेआम दुश्मनी हो गई थी। मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं।

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