CRPF जवान ने खुद को मारी गोली

जोधपुर स्थित सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर में एक कांस्टेबल ने खुद को गोली मार ली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांस्टेबल 18 घंटे से अपने पत्नी और बेटी के साथ कमरे में बंद था। पुलिस कमिश्ननर रविदत्त गौड़ ने इस घटना की पुष्टि की है। बता दें कि कांस्टेबल ने कमरे में खुद को परिवार सहित बंद कर लिया था और 18 घंटे तक न ही उसने किसी से बात की और न ही अधिकारियों-परिवार वालों की बात मानी। बस वह बार-बार घर की बालकनी में आकर हवाई फायर करता था। कांस्टेबल का नाम नरेश था और उसने 17 घंटे तक अपना मोबाइल बंद कर रखा था। बाद में जब उसने फोन ऑन किया तो उसे सीआरपीएफ के आईजी के अलावा किसी से भी बात नहीं करनी थी। इसकी खबर तुंरत दिल्ली में की गई जहां सीआरपीएफ के आईजी पोस्टेड है। कोई भी देरी न करते हुए आईजी भी जोधपुर पहुंच गए। इस बीच नरेश ने 8 राउंड फायर किए। परिसर में एटीएस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कमांडो भी तैनात थे। सभी ने नरेश के घर में घुसने का बहुत प्रयास किया लेकिन अंदर पत्नी और बेटी को बंधंक बनाया हुआ था जिसके कारण कुछ भी करना ठीक नहीं था।

पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल नरेश 3 साल से  सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर में पोस्टेड थे। वह पाली जिले के राजोला कला के निवासी थे और रविवार शाम के 5 बजे उन्होंने पहवा हवाई हमला किया था। हमले के बाद सीआरपीएफ के भीतर अफरा तफरी मच गई थी। अधिकारियो के समझाने के बाद भी नरेश नहीं मान रहा था। शराब के नशे में नरेश ने ने केवल अपने आपको बल्कि अपनी पत्नी और बेटी को भी घर के अंदर बंद कर रखा था। पिता और भाई को बुलाया गया कि शायद उनकी बात ही सुन ले लेकिन नरेश ने उनकी भी नहीं सुनी। नरेश के भाई के मुताबिक,  करीब 7-8 महीने पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था जिसके कारण वह चलते-चलते अपना आपा खो देता है।सीआरपीएफ के अधिकारियों ने नरेश को समझाया। सीआरपीएफ के अधिकारियों का कहना है, उसके पास इंसास राइफल थी जिसमें लगभग  40 राउंड मौजूद थे। उसमें से उसने 8  फायर कर दिए थे।

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